लाल है रंग उसका
रगों में जो है दौड़ता
उसकी हमारी या तुम्हारी
जीवनी को मोड़ता
रण में बहा या प्राणदायी
सांवला या हो धवल
कमज़ोर हो या आततायी
ज्ञानी हो या शिशु सा सरल
इस धर्म का हो
हो या फिर उस पंथ का
मंजिलें तो एक हैं
रास्ते हैं, रास्तों का क्या?
दर्द सबका एक सा है
उपचार भी सामान ही है
सरहदों के पार भी तो
रहता तो इंसान ही है
आँख सबकी है भर आती
भगवान् सबमे है डोलता
लाल है रंग उसका
रगों में जो है दौड़ता
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